नेपाल मानव तस्करी मामले का फरार आरोपी 19 साल बाद गिरफ्तार/নেপাল মানবপাচার মামলার পলাতক আসামি ১৯ বছর পর গ্রেপ্তার
दीपेन्द्र प्रजापति ,नेपाल/ हारुन या रशीद सागर, बांग्लादेश हारुन या रशीद सागर, बांग्लादेश
वीरगंज, 05 सितंबर। मानव तस्करी और अवैध मानव परिवहन मामले में संलिप्त होकर लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने 19 साल बाद गिरफ्तार किया है।
पर्सा जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति को भारत के दिल्ली होते हुए कतर भेजकर मानव तस्करी करने के आरोप में पर्सा जिले के सखुवाप्रसौनी गाउँपालिका–4 निवासी 75 वर्षीय आयुब मियाँ अंसारी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, नाम, पहचान और पता बदलकर फरार चल रहे आरोपी सहित संबंधित व्यक्तियों ने पीड़ित से 90 हजार नेपाली रुपये लिए थे और विदेश में नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर उसे भारत के दिल्ली होते हुए कतर भेजा था।
आरोप के अनुसार, कतर पहुंचने के बाद पीड़ित को कुछ दिनों तक वहां रखने के पश्चात उसे किसी अन्य अरब देश में बेच दिया गया। इस घटना के आधार पर वर्ष 2008 में मानव तस्करी और अवैध मानव परिवहन से संबंधित मामला दर्ज किया गया था।
घटना में संलिप्त व्यक्तियों की तलाश और जांच के क्रम में फरार आरोपी अंसारी को सखुवाप्रसौनी गाउँपालिका–4 स्थित उसके अपने निवास से गिरफ्तार किया गया है, पुलिस ने बताया।
गिरफ्तार अंसारी के खिलाफ मानव तस्करी और अवैध मानव परिवहन मामले में आगे की जांच एवं कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पर्सा जिला पुलिस कार्यालय के सूचना अधिकारी एवं पुलिस उपनिरीक्षक (डीएसपी) चक्र बहादुर मल्ल ने कहा कि मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध में संलिप्त लंबे समय से फरार आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर पाना पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है।
১৯ বছর পর মানবপাচার মামলার পলাতক আসামি গ্রেপ্তার
দীপেন্দ্র প্রজাপতি ,নেপাল/ হারুন অর রশিদ সাগর, বাংলাদেশ
বীরগঞ্জ, ০৫ সেপ্টেম্বর। মানবপাচার ও অবৈধ মানব পরিবহন মামলায় জড়িত থেকে দীর্ঘদিন পলাতক থাকা এক আসামিকে ১৯ বছর পর গ্রেপ্তার করেছে পুলিশ।
পারসা জেলা পুলিশ কার্যালয়ের তথ্য অনুযায়ী, বিদেশে চাকরির প্রলোভন দেখিয়ে এক ব্যক্তিকে ভারতের দিল্লি হয়ে কাতারে পাঠিয়ে মানবপাচার করার অভিযোগে পারসা জেলার সখুয়াপ্রসৌনি গ্রামপালিকা–৪-এর বাসিন্দা ৭৫ বছর বয়সী আয়ুব মিয়া আনসারি গ্রেপ্তার হয়েছেন।
পুলিশ জানায়, নাম-পরিচয় ও ঠিকানা পরিবর্তন করে পলাতক থাকা আসামিসহ সংশ্লিষ্ট ব্যক্তিরা ভুক্তভোগীর কাছ থেকে ৯০ হাজার নেপালি রুপি গ্রহণ করে বিদেশে চাকরির প্রলোভন দেখিয়ে তাকে ভারতের দিল্লি হয়ে কাতারে পাঠিয়েছিল।
অভিযোগ অনুযায়ী, কাতারে পৌঁছানোর পর ভুক্তভোগীকে কয়েকদিন সেখানে রেখে পরে অন্য একটি আরব দেশে বিক্রি করে দেওয়া হয়। এই ঘটনার ভিত্তিতে ২০০৮ সালে মানবপাচার ও অবৈধ মানব পরিবহন সংক্রান্ত মামলা দায়ের করা হয়েছিল।
ঘটনার সঙ্গে জড়িত ব্যক্তিদের সন্ধান ও তদন্তের ধারাবাহিকতায় পলাতক আসামি আনসারিকে সখুয়াপ্রসৌনি গ্রামপালিকা–৪ এলাকায় অবস্থিত তার নিজ বাসভবন থেকে আটক করা হয়েছে বলে পুলিশ জানিয়েছে।
গ্রেপ্তারকৃত আনসারির বিরুদ্ধে মানবপাচার ও অবৈধ মানব পরিবহন মামলায় আরও তদন্ত ও আইনি প্রক্রিয়া এগিয়ে নেওয়া হচ্ছে।
পারসা জেলা পুলিশ কার্যালয়ের তথ্য কর্মকর্তা ও পুলিশ উপ-পরিদর্শক (ডিএসপি) চক্র বাহাদুর মল্ল বলেন, মানবপাচারের মতো গুরুতর অপরাধে জড়িত দীর্ঘদিনের পলাতক আসামিকে অবশেষে গ্রেপ্তার করতে সক্ষম হওয়া পুলিশের জন্য একটি গুরুত্বপূর্ণ সাফল্য।