बीरगंज की मुख्य सड़क विस्तार में धार्मिक स्थलों का संरक्षण/নেপালের বীরগঞ্জের প্রধান সড়ক সম্প্রসারণে ধর্মীয় স্থাপনা সংরক্ষণ।
बीरगंज की मुख्य सड़क विस्तार में धार्मिक स्थलों का संरक्षण; प्रभावित संपत्ति मालिकों के लिए विशेष सुविधा, सेटबैक प्रावधान पर पुनर्विचार और भवन निर्माण अनुमति में छूट देने की योजना/ বীরগঞ্জের প্রধান সড়ক সম্প্রসারণে ধর্মীয় স্থাপনা সংরক্ষণ।
दीपेन्द्र प्रजापति, नेपाल / हारुन अर रशीद सागर, बांग्लादेश
बीरगंज, 21 सितंबर। बीरगंज की मुख्य सड़क विस्तार परियोजना के तहत सड़क सीमा के भीतर आने वाले धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के मंदिर, मस्जिद, मठ सहित अन्य धार्मिक स्थलों को उनके वर्तमान स्थान पर ही संरक्षित रखते हुए सड़क निर्माण का कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। यह जानकारी बीरगंज महानगरपालिका के मेयर राजेशमान सिंह ने दी।
सोमवार को सड़क विस्तार से प्रभावित घर-मालिकों एवं उनके प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में मेयर सिंह ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पहले ही आवश्यक निर्देश एवं अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करते समय ही इन धार्मिक स्थलों के संरक्षण के विषय को ध्यान में रखा गया है।
मेयर सिंह ने स्पष्ट किया कि महावीर स्थान मंदिर, विरता मंदिर, अलखिया मठ तथा छपकैया स्थित ईदगाह और कब्रिस्तान जैसे धार्मिक स्थलों को उनके वर्तमान स्थान पर ही सुरक्षित रखते हुए सड़क निर्माण का कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रभावित संपत्ति मालिकों की चिंताओं और शिकायतों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सड़क सीमा छोड़कर नए भवन निर्माण के लिए लागू पांच फीट के सेटबैक प्रावधान पर पुनर्विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महानगरपालिका व्यावहारिक समाधान निकालने तथा मुख्य सड़क कॉरिडोर के निवासियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मेयर सिंह ने आगे बताया कि सड़क विस्तार के कारण जिन घर-मालिकों को नए भवनों का निर्माण करना पड़ेगा, उनके लिए भवन निर्माण अनुमति के मामले में आवश्यक छूट और विशेष सुविधाएं प्रदान करने के लिए महानगरपालिका तैयार है। इस संबंध में आवश्यक निर्णय आगामी नगरसभा अधिवेशन के माध्यम से अनुमोदित कराने की तैयारी की जा रही है।
बैठक में प्रभावित संपत्ति मालिकों के प्रतिनिधियों ने नए भवन निर्माण के दौरान होने वाले संभावित नुकसान, चुनौतियों और व्यावहारिक समस्याओं से मेयर को अवगत कराया।
बैठक में प्रभावित घर-मालिकों के प्रतिनिधियों के रूप में सज्जन घिरैया, ओम प्रकाश सिकरिया, सुमन केयाल, निरंजन चौधरी, प्रमोद सर्राफ सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
বীরগঞ্জের প্রধান সড়ক সম্প্রসারণে ধর্মীয় স্থাপনা সংরক্ষণ; ক্ষতিগ্রস্ত সম্পত্তি মালিকদের জন্য বিশেষ সুবিধা সেটব্যাক বিধান পুনর্বিবেচনা, ভবন নির্মাণ অনুমোদনে ছাড় দেওয়ার পরিকল্পনা
দীপেন্দ্র প্রজাপতি,নেপাল/ হারুন অর রশিদ সাগর, বাংলাদেশ
বীরগঞ্জ, ২১ সেপ্টেম্বর। বীরগঞ্জের প্রধান সড়ক সম্প্রসারণ প্রকল্পের আওতায় সড়কসীমার মধ্যে পড়া ধর্মীয় ও ঐতিহাসিক গুরুত্বসম্পন্ন মন্দির, মসজিদ, মঠসহ অন্যান্য ধর্মীয় স্থাপনাগুলোকে তাদের বর্তমান অবস্থানেই সংরক্ষণ করে সড়ক নির্মাণের কাজ এগিয়ে নেওয়া হবে বলে জানিয়েছেন বীরগঞ্জ মহানগরপালিকার মেয়র রাজেশমান সিং।
সোমবার সড়ক সম্প্রসারণে প্রভাবিত বাড়ির মালিক ও প্রতিনিধিদের সঙ্গে অনুষ্ঠিত এক বৈঠকে মেয়র সিং বলেন, সড়ক প্রশস্তকরণের কাজের সময় ধর্মীয় ও ঐতিহাসিক স্থাপনাগুলোর সুরক্ষা নিশ্চিত করতে তিনি ইতোমধ্যে সংশ্লিষ্ট কর্তৃপক্ষকে অনুরোধ জানিয়েছেন। তিনি জানান, প্রকল্পের বিস্তারিত প্রকল্প প্রতিবেদন (ডিপিআর) প্রস্তুতের সময়ই এসব স্থাপনা সংরক্ষণের বিষয়টি বিবেচনায় নেওয়া হয়েছে।
মেয়র সিং স্পষ্ট করেন যে মহাবীর স্থান মন্দির, বির্তা মন্দির, আলাখিয়া মঠ এবং ছপকাইয়ায় অবস্থিত ঈদগাহ ও কবরস্থানের মতো ধর্মীয় স্থানগুলোকে তাদের বর্তমান অবস্থানেই অক্ষত রেখে সড়ক নির্মাণের কাজ এগিয়ে নেওয়া হবে।
প্রভাবিত সম্পত্তি মালিকদের উদ্বেগ ও অভিযোগ নিয়ে আলোচনা করতে গিয়ে তিনি বলেন, সড়কসীমা ছেড়ে নতুন ভবন নির্মাণের ক্ষেত্রে প্রযোজ্য পাঁচ ফুট সেটব্যাকের বিধান পুনর্বিবেচনা করা হবে। মহানগরপালিকা বাস্তবসম্মত সমাধান এবং প্রধান সড়ক করিডরের বাসিন্দাদের সুবিধা নিশ্চিত করতে প্রতিশ্রুতিবদ্ধ বলেও তিনি উল্লেখ করেন।
মেয়র সিং আরও জানান, সড়ক সম্প্রসারণের কারণে যেসব বাড়ির মালিককে নতুন ভবন নির্মাণ করতে হবে, তাদের জন্য ভবন নির্মাণ অনুমোদনের ক্ষেত্রে প্রয়োজনীয় ছাড় ও বিশেষ সুবিধা দিতে মহানগরপালিকা প্রস্তুত রয়েছে। এ বিষয়ে প্রয়োজনীয় সিদ্ধান্ত আসন্ন নগরসভা অধিবেশনের মাধ্যমে অনুমোদনের প্রস্তুতি চলছে বলেও তিনি জানান।
বৈঠকে প্রভাবিত সম্পত্তি মালিকদের প্রতিনিধিরা নতুন ভবন নির্মাণের সময় সম্ভাব্য ক্ষতি, চ্যালেঞ্জ এবং বাস্তব সমস্যাগুলোর বিষয়টি মেয়রের নজরে আনেন।
আলোচনায় প্রভাবিত বাড়ির মালিকদের প্রতিনিধি হিসেবে সজ্জন ঘিরাইয়া, ওম প্রকাশ সিকারিয়া, সুমন কেয়াল, নিরঞ্জন চৌধুরী, প্রমোদ সারাফসহ অন্যান্যরা উপস্থিত ছিলেন।