वीरगंज में ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर ‘सीरतुन्नबी’ कार्यक्रम संपन्न/বীরগঞ্জে ঈদে মিলাদুন্নবী উপলক্ষে ‘সিরাতুন্নবী’ অনুষ্ঠান সম্পন্ন।
दीपेन्द्र प्रजापति ,नेपाल/ हारुन या रशीद सागर, बांग्लादेश
वीरगंज, 10 भाद्र। इस्लाम के अंतिम पैगंबर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के पवित्र जन्मदिवस ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को नेपाल के वीरगंज में विशेष ‘सीरतुन्नबी’ कार्यक्रम एवं शांति सभा आयोजित की गई। वीरगंज मुस्लिम समाज के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ।
इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबीउल अव्वल की 12वीं तारीख को दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय हज़रत मुहम्मद (स.) के जन्मदिवस को ईद-ए-मिलादुन्नबी अथवा मुहम्मद दिवस के रूप में मनाते हैं।
कार्यक्रम में वीरगंज महानगरपालिका के कार्यवाहक मेयर इम्तियाज़ आलम, मौलाना अलियासगर मदनी, मौलाना मोहम्मद आलम, मौलाना इज़हार हुसैन सहित मुस्लिम समुदाय के नेता, धार्मिक विद्वान, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
सभा में वक्ताओं ने हज़रत मुहम्मद (स.) के शांति, प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और मानवता के संदेश पर चर्चा की।
प्रतिभागियों ने समाज में धार्मिक एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के साथ-साथ आपसी एकता और सहिष्णुता को और मजबूत करने पर जोर दिया।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम उत्सवपूर्ण, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
বীরগঞ্জে ঈদে মিলাদুন্নবী উপলক্ষে ‘সিরাতুন্নবী’ অনুষ্ঠান সম্পন্ন
দীপেন্দ্র প্রজাপতি / নেপাল
বীরগঞ্জ, ১০ ভাদ্র। ইসলামের সর্বশেষ রাসূল হযরত মুহাম্মদ (সাল্লাল্লাহু আলাইহি ওয়াসাল্লাম)-এর পবিত্র জন্মবার্ষিকী ঈদে মিলাদুন্নবী উপলক্ষে বুধবার নেপালের বীরগঞ্জে বিশেষ ‘সিরাতুন্নবী’ অনুষ্ঠান ও শান্তি সমাবেশ অনুষ্ঠিত হয়েছে। বীরগঞ্জ মুসলিম সমাজের উদ্যোগে আয়োজিত এ অনুষ্ঠানটি জাঁকজমকপূর্ণভাবে সম্পন্ন হয়।
ইসলামি বর্ষপঞ্জির তৃতীয় মাস রবিউল আউয়ালের ১২ তারিখে বিশ্বের মুসলিম সম্প্রদায় মহানবী হযরত মুহাম্মদ (সা.)-এর জন্মদিন ঈদে মিলাদুন্নবী বা মুহাম্মদ দিবস হিসেবে পালন করে থাকে।
অনুষ্ঠানে বীরগঞ্জ মহানগরীর ভারপ্রাপ্ত মেয়র ইমতিয়াজ আলম, মাওলানা আলিয়াসগর মাদানি, মাওলানা মোহাম্মদ আলম, মাওলানা ইজহার হুসাইনসহ মুসলিম সম্প্রদায়ের নেতৃবৃন্দ, ধর্মীয় ব্যক্তিত্ব, বিভিন্ন সামাজিক সংগঠনের প্রতিনিধি এবং স্থানীয় বাসিন্দারা অংশগ্রহণ করেন।
সভায় বক্তারা মহানবী হযরত মুহাম্মদ (সা.)-এর শান্তি, ভালোবাসা, সম্প্রীতি, ভ্রাতৃত্ববোধ ও মানবতার বাণী নিয়ে আলোচনা করেন।
অংশগ্রহণকারীরা সমাজে ধর্মীয় ও সামাজিক সম্প্রীতি বজায় রাখার পাশাপাশি পারস্পরিক ঐক্য ও সহনশীলতাকে আরও সুদৃঢ় করার ওপর গুরুত্বারোপ করেন।
আয়োজকদের মতে, অনুষ্ঠানটি উৎসবমুখর, শান্তিপূর্ণ এবং সম্প্রীতিপূর্ণ পরিবেশে সফলভাবে সম্পন্ন হয়েছে।